अमेरिका के जिस राज्य ने अश्वेतों को अधिकार दिए जाने के खिलाफ गृह युद्ध छेड़ा था, वहां पहली बार ब्लैक बना सीनेटर https://ift.tt/399aKpl
अमेरिका में जॉर्जिया की दो सीनेट सीटों के लिए हुए चुनाव में एक पर डेमोक्रेट उम्मीदवार राफेल वारनॉक ने जीत हासिल की है। वारनॉक जॉर्जिया से जीत हासिल करने वाले पहले ब्लैक हैं। उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और मौजूदा सीनेटर केली लोएफलर को हराया। दूसरी सीट पर भी डेमोक्रेट उम्मीदवार आगे थे।
वारनॉक की जीत इस मायने में खास है कि जॉर्जिया एक जमाने में अश्वेतों को बराबरी का अधिकार दिए जाने के खिलाफ रहा था। अब्राहम लिंकन के राष्ट्रपति बनने के बाद 1861 में जॉर्जिया ने कुछ अन्य राज्यों के साथ मिलकर अपने ही देश के खिलाफ गृह युद्ध छेड़ दिया। तब जॉर्जिया के शासकों का मानना था कि एक ब्लैक कभी ह्वाइट लोगों की बराबरी नहीं कर सकता है।
वारनॉक से जुड़ा एक और रोचक तथ्य यह है कि वे उसी चर्च में पास्टर थे जिसमें मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने 1960 के दशक में ऐतिहासिक भाषण दिया था। मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने अमेरिका में अश्वेतों को बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए मुहिम चलाई थी। इतना ही नहीं वारनॉक ने पढ़ाई भी उसी कॉलेज से की है जहां से मार्टिन लूथर किंग जूनियर पढ़े थे।
गवर्मेंट ट्रायफेक्टा हासिल करने के करीब डेमोक्रेट
20 जनवरी से राष्ट्रपति पद संभालने जा रहे जो बाइडेन की पार्टी ऐतिहासिक गवर्मेंट ट्रायफेक्टा बनाने दहलीज पर आ गई है। अमेरिका में अगर राष्ट्रपति की पार्टी संसद के दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लेती है तो उसे ट्रायफेक्टा जीत कहते हैं। डेमोक्रेट्स पहले ही हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में भी बहुमत में है। इससे पहले 2019 में गवर्मेंट ट्रायफेक्टा की स्थिति बनी थी। तब रिपब्लिकन की सत्ता थी।
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